क्या भारतीय मुसलमान भारत में हिंदुओं के लिए खतरा हैं?

जब, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में बहुसंख्यक समुदाय के रूप में रहने वाले मुस्लिम वहाँ के हिंदुओं या हिंदू धर्म के लिए कोई खतरा नहीं है, तो क्या यह मानने का कोई मतलब है कि भारत में अल्पसंख्यक के रूप में रहने वाले मुसलमान (जनसंख्या का 14.2%) यहाँ के हिंदुओं के लिए खतरा बन सकते हैं (जनसंख्या का 80%)

कुछ ऐसे लोग हैं जो यह भ्रम फैलाते रहते हैं कि मुस्लिम समाज हिंदुओं के लिए खतरा हैं और वे भारत पर कब्जा करना चाहते हैं। सच क्या है आइये जानने का प्रयास करते है?

एक पल के लिए , उन सभी अवधारणाएं (जिससे आपको मुस्लिमों के बारे डराया जाता है) से मुक्त होकर अपने चारों ओर एक नज़र डालें। आप अपने आस-पास बहुत से मुसलमानों को देखते हैं। वे आपके पड़ोसी, दोस्त, स्कूल और कॉलेज में सहपाठी, काम पर सहकर्मी या आपूर्तिकर्ता या ग्राहक के रूप में आपके साथ व्यापार करते हैं।

अब, अपने आप से पूछें: क्या आपको कभी उनसे खतरा हुआ है? क्या उन्होंने आपके साथ काम पर या स्कूल या कॉलेज में भेदभाव किया है? क्या उन्होंने आपकी दुकान से खरीदना बंद कर दिया या आपकी दुकान को आपूर्ति करना बंद कर दिया? क्या कोई मुस्लिम डॉक्टर आपका इलाज करने से इसलिए दूर रहा क्योंकि आप हिंदू हैं? क्या किसी मुसलमान ने आप पर हमला किया है क्योंकि आप हिंदू हैं? क्या किसी मुसलमान ने आपको मंदिर जाने से रोका? क्या किसी मुसलमान ने आपको कुछ खाने के लिए मजबूर किया? क्या किसी मुसलमान ने आपको अपनी पसंद की चीज़ खाने से रोका?

अगर निष्पक्षता के साथ उपरोक्त प्रश्नों का उत्तर दिया जाए तो निसंदेह जवाब “नहीं” में ही होंगे। यदि उपरोक्त प्रश्न किसी अन्य हिंदुओं से भी पूछे जाते हैं, तो उनका भी उत्तर “नहीं” ही होगा।

सच तो यह है कि हर मुसलमान एक हिंदू के समक्ष या तो एक दोस्त या पड़ोसी या किसी न किसी रूप से एक सहयोगी की भूमिका में होता है और वर्षों से ये दोनों समुदाय शांति एंव सद्भाव से रहते आ रहे हैं। तो फिर ख़तरे का सवाल कहां है?

इतना ही नहीं, हम ये देख सकते है कि कई देशों में मुस्लिम बहुसंख्यक होने पर भी हिंदुओं या हिंदू धर्म के लिए खतरा नहीं हैं। उदाहरण: मलेशिया, एक मुस्लिम देश है जहाँ 61.3% मुसलमान और 6.3% हिंदू रहते हैं। इंडोनेशिया में भी 87.2% मुस्लिम और 1.7% हिंदू रहते हैं। मलेशिया और इंडोनेशिया में वर्षों से मुसलमान और हिंदू शांति एवं सद्भाव से रहते आ रहे हैं। दुनिया के कुछ सबसे खूबसूरत मंदिर भी मलेशिया और इंडोनेशिया में पाए जाते हैं।

जब, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में बहुसंख्यक समुदाय के रूप में रहने वाले मुस्लिम वहाँ के हिंदुओं या हिंदू धर्म के लिए कोई खतरा नहीं है, तो क्या यह मानने का कोई मतलब है कि भारत में अल्पसंख्यक के रूप में रहने वाले मुसलमान (जनसंख्या का 14.2%) यहाँ के हिंदुओं के लिए खतरा बन सकते हैं (जनसंख्या का 80%)?

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे देश का स्वतंत्रता संग्राम ऐसी घटनाओं से भरा हुआ है जिसमें हिंदू और मुस्लिम सहित सभी धर्मों के हजारों लोगों ने एक साथ खड़े होकर हमारे देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। आज हम जिस आजादी की सांस ले रहे हैं, वह हमारे पूर्वजों के निस्वार्थ बलिदान से संभव हुई है, जो हमेशा एकजुट रहे। “राष्ट्रवाद” और “देशभक्ति” की भावनाओं ने हमारे पूर्वजों को एकजुट किया जो स्वंत्रता संग्राम के नायक के साथ साथ एक निष्ठा पूर्वक हिंदू और मुस्लिम भी थे। तो फिर ज़रा सोचिए क्या ये एकता अब टूटनी जानी चाहिए?

जो देश अपने अतीत को भूल जाता है उसका कोई भविष्य नहीं होता

विंस्टन चर्चिल
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